बुधवार, 10 जून 2015

943-तेरा ख्याल मुझे...

तेरा ख्याल मुझे...
तेरा ख्याल मुझे ,तराश रहा है
मेरे ह्रदय में ,तेरा निवास रहा है

परछाई बिना नहीं रह सकता जल
तेरा साया सदा मेरे आसपास रहा है

बून्द में सागर का ख़्वाब तो होगा ही
तेरा ,मुझे वैसा ही ,अहसास रहा है

मालूम नहीं कितने बार जन्मा हूँ मैं
तबसे मेरा वजूद ,तुझे तलाश रहा है

दर्दे तन्हाई का कारवां साथ है मेरे
तुझपे ,मुझे अटूट विशवास रहा है

किशोर कुमार खोरेन्द्र

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