शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2013

694-" तकदीर"

" तकदीर"

पढ़ता हूँ
कभी तुम्हारी ..तहरीर
देखता हूँ
कभी तुम्हारी तस्वीर
सुनता हूँ
कभी तुम्हारी तकरीर
यही तो हैं .. मेरी तकदीर
तुम्हारे दीदार के
अलावा
यही मुझे हुआ हैं हासिल
किशोर




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