गुरुवार, 3 अक्तूबर 2013

692-"एक रिश्ता"

"एक रिश्ता"

खुशमिजाज़ हूँ ,खुशनुमा हूँ 
बस तुम से ही मिलता हूँ 

खुश्बू  हूँ ,खुशरंग हूँ 
मैं  कहाँ बिकता हूँ 

 तुम्हारे मौन को पढ़ता हूँ 
उसे ही तो रोज लिखता हूँ 

साया सा  साथ रहता हूँ 
अनाम सा एक रिश्ता हूँ 

तुम्हारे मन का 
खुशगुवार हिस्सा  हूँ 
कभी नज्म तो 
कभी एक किस्सा हूँ 

किशोर कुमार खोरेन्द्र 

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