सोमवार, 31 दिसंबर 2012

उड़ने लगता है कमरा

559-उड़ने लगता है कमरा

by Kavi Kishor Kumar Khorendra on Sunday, November 11, 2012 at 5:41pm ·

उड़ने लगता है कमरा


चिड़िया के आते ही
उड़ने लगता है कमरा
खिड़किया फडफडाने लगती है
कोने दुबकने लगते है ...

कभी सोफे पर
कभी आईने के सामने बैठ जाती है चिड़िया

घर में अपने लिए
एक घोसला ढूंढ़ती है
तिनको की तरह
बिखरे हुए सपनों के टुकड़ों से -
भर जाता है -कमरा

मुझे उन दिनों
तब -
दफ्तर में काम करते समय

एकाएक ....
याद आती है
वह उड़ती हुई नन्ही चिड़िया

शेविंग क्रीम से पुते मेरे चेहेरे को
गौर से देखती हुई
वह नन्ही ..निडर गौरया...

उसकी गोल नन्ही आँखें मुझसे
शायद पूछती है -

आप मेरे अंडों ..फिर बच्चों का
खयाल रखेंगे ...

तब में याद करता हूँ ..
पंखे के स्विच को मैंने आफ ...
किया है या नहीं .....

किशोर

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