सोमवार, 31 दिसंबर 2012

सदियों पहले जब शब्द नही थे

557-सदियों पहले जब शब्द नही थे

by Kavi Kishor Kumar Khorendra on Sunday, November 11, 2012 at 5:37pm ·
सदियों पहले जब शब्द नही थे
kishorkumarkhorendra द्वारा 24 दिसंबर, 2009 12:13:00 PM IST पर पोस्टेड #


मुझे ठीक से देखो ..
मै कमीज नही हू
न ही कोई भाषा हू
न ही कोई बोली

सदियों पहले जब शब्द नही थे

तबभी -
मै और तुम थे

तब भी दूर से -
तुम मुझे सुन लिया करती थी
और मै आज की ही तरह
उन दिनों भी तुम्हें ...सोच लिया करता था

उस समय भी ..यही आकाश था
जिसके बादल ...
हमें नदी मे तैरते हुए देखा करते थे

नदी के उस पार से तुम मुझे
और इस पार से मै ..तुम्हें
बिना पुकारे ही ..पुकार लिया करते थे

न तुम्हारा कोई नाम था
न ही मेरा कोई नाम
न तुम्हें पता था कि ...मै कौन हूँ
न मुझे मालूम था कि -तुम कौन हो
लेकीन
अनपढ़ प्यार कों ज्ञात था कि -
की मै और तुम
न शब्द है न भाषा है ...और

न ही हैं ब्याकरण

तुम जल में मुझ रंग के पास हैं

घुल जाने का आचरण

तुम पत्ती हो तो

मैं हूँ उसका हरापन

किशोर

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