शुक्रवार, 14 दिसंबर 2012

360-आईने में मेरा दर्द लगता हैं



360-आईने में मेरा दर्द लगता हैं

by Kavi Kishor Kumar Khorendra on Sunday, April 8, 2012 at 10:22am ·



हर सीने में हैं बहती
दुःख की एक नदी

जिसका न कोई किनारा
जहाँ दूर दूर तक
नज़र नहीं आती ..कोई कश्ती

बहुत चौड़ी ,मीलों लम्बी
जितना आगे जाता हूँ
होती जाती हैं उतनी ही गहरी

अपने पराये से लगते हैं
पराये अपनों से ..कभी

थामता हूँ बाँह जब भी
तिनके तक कों
अपने साथ बहा ले जाती हैं लहरे सभी

पांव रखने के लिये होती नहीं जमी
देखकर आँखों में आसूं सबकी

आईने में मेरा दर्द लगता हैं
मुझे ......अजनबी

किशोर  कुमार खोरेन्द्र 

कोई टिप्पणी नहीं: