बुधवार, 12 दिसंबर 2012

266-कभी तुम सवाल हो



266-कभी तुम सवाल हो

by Kavi Kishor Kumar Khorendra on Friday, December 9, 2011 at 1:22pm ·


मोहब्बत .खतों का हैं सिलसिला
कौन कहता हैं
मैं तुमसे कभी नहीं मिला

तसव्वुर में मेरे
तुम ही आते हो
फूल जैसे मेरे मन में
रोज हो खिला

रूबरू तुम हो न सकी
पर बादलों की ऑट में छिपे चाँद सा
तेरा चेहरा
कभी कभी मुझे जरूर दिखा

तेरी निगाहें मेरा पीछा करती हैं
छिपाने के लिये
मुझे बहा ले गया हैं
संग अपने
तेरी यादों का एक दरिया

कभी तुम सवाल हो
कभी मैं जवाब
नज्म हैं ..प्रेम अभिव्यक्ति का
एक जरिया

किशोर  कुमार खोरेन्द्र 

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