रविवार, 27 दिसंबर 2009

सत् चित आनंद


शिव योग


१-जीवन मे पूजा पाठ यथाशक्ति करे


२-ज्योतिष ज्ञान है लेकीन उसके जानकार कुछ ही लोग है अत:


अपने अपने भाग्योदय के बारे स्वयं ही मन की शक्ति से


उस सौभाग्य कों जान सकते है


३-ओम नमः शिवाया ..मन्त्र का जाप करते हुवे


शांत बैठ कर ध्यान करना चाहिए


४-सुबह १/२ घंटे तक एकाग्र चित्त से आखे बंद कर प्रतिदिन नियमित रूप से


शंकर जी का ध्यान करने से शीघ्र ही ....लाभ मिलता है सत् चित आनंद की प्राप्ति होती है


५-इस पूजा मे फूल ,अगरबत्ती .दीप ..जरुरी नही है


६-कृपया इसका प्रयोग कर के देखे ,मन्त्र साधने के लीये घर मे ही एकांत ढूंढ़ ले

बाहर जाने की आवाश्यकता नही है /


बरखा दीदी




कोई टिप्पणी नहीं: