शुक्रवार, 25 दिसंबर 2009

मै बोल नही पाता...

मै बोल नहीं पाता ज्यादा कुछ
इस बात पर
नाराज न होना कभी तुम
प्रेम के उपवन से उड़कर आते
बहुरंगी ..
शब्दों की तितलियों कों
खुश हो ....
देखता रह जाता हूँ पा सम्मुख
चाहता हू इसी तरह जीवन
चलता रहें
मौन हो
मौन ....
मौन कों सुनता रहें सम्पूर्ण
जीऊ उन्हें कभी न भूल
उसकी अनुभूति से
मेरा हर पल महके
जैसे सुगंधित पुष्प
किशोर

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