शनिवार, 28 नवंबर 2009

चलो तकरार करते है

प्यार नही आज कर पाए
चलो तकरार करते है
किसी बात की नोक सा
बेवजह
एक दुसरे के मन में
वार करते है
कितनी बार कहें -
वो मुझसे की
मुझे वो याद -करते है
फिर भी चलो
आज उनसे पूछते है -
कि क्या वे मुझे भी याद -करते है ....?
चुपचाप सी
बहती नदी की लहरों ने
हमें आकर् रोका हो
लेकिन नदी से फिर भी -
चलो अब हम सवाल -
करते है
प्यार में न किसी की जीत है न हार
फिर भी मंझधार में धार और पतवार सा
एक -दुसरे को मात करते है
प्यार नही आज कर पाए
चलो तकरार करते है

किशोर

2 टिप्‍पणियां:

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

प्यार नही आज कर पाए
चलो तकरार करते है
किसी बात की नोक सा
बेवजह
एक दुसरे के मन में
वार करते है ....

ये भी प्यार का ही दूसरा रूप है .....बहुत खूब....!!

kishor kumar khorendra ने कहा…

dhnyvaad hir ji