सोमवार, 17 अगस्त 2009

नीले अम्बर मे तारे

नीले अम्बर मे तारे

दीप से जलते सारे

बच्चे सब पूछते

माँ से कर इशारे

माँ कहती मुन्ना प्यारे

देखो चांदनी रात के उजाले

चलो आँगन मे नाचे गाये

मिलजुलकर खुशिया मनाये

छुप छुप कर चन्दा निहारे

बादलो के पीछे से पुकारे

कहता भोर मे सूरज आए

संग हमारे रात मे

शीतल पुरवाई भाये

नीले अम्बर मे तारे

दीप से जलते सारे

{बरखा ग्यानी }

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