बुधवार, 17 जून 2009

शिखर पर जमीं बर्फ है

१-शिखर पर जमीन बर्फ है
प्यार के पाँव फिसल न जाए
हाथो मे हाथ रहे
मजबूती से यही शर्त है
शिखर पर जमीन बर्फ है

२-सदा मुस्कुराते रहो
स्वागत मे हमारे खिले
फूलो का यही अर्थ है
शिखर पे जमीन बर्फ है

३-मै तो तुम्हारा पुजारी
जन्मोसे तुम्हारा हमराही
तुम संपूर्णतः मुझे भायी
शेष तुम पर निर्भर है
शिखर पर जमीन बर्फ है

४-देह के गमले मे अंकुरित
प्रेम एक सुंदर भावः है
इस पौधे को सदा सुरक्षीत रखना
हम दोनों की चाह है
मगर सिचने के लिए इसमे पानी
अर्शु -पूरित दर्द है
शिखर पर जमीन बर्फ है

५-व्यक्ति की पूजा ही सत्य है
मिल जाए जिसे अपना प्रेमी
यह उसका सौभाग्य है
जीवन का यही मर्म है
शिखर पर जमीन बर्फ है

{किशोर }

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