शनिवार, 23 मई 2009

१८३-मतलब एक् ही है

मतलब एक् ही है
मुझ अहले- दिल के
पास एक् -हसीं जान
है सितारों के कुछ -चमकीले अरमान है
इस धरती के सुन्दर ख्वाब है
फ़ीर भी तुम्हें चाहिए एक् सुंदर काया तो
मुझे -अपने मन की आँखों से देखना
ऐसे भी मै तुम्हारा ही आईना हूँ
अपने सामने मुझे खडा कर अपने आप ही को देखना
फ़ीर भी यकीन न हो मेरे हुस्न पर-तो
अपने इश्क को मेरे लीये और अजमा के देखना
मेरे चश्मे के पीछे मेरे नही -तुम्हारे नयन
है मेरी देह के भीतर -बाहर मेरी नही तुम्हारी आत्मा है
रूप और सौन्दर्य है

हर बच्चा हर माँ का जैसे दुलारा है
हर माँ हर शिशु को जैसे प्यारा है
वैसे ही चाहने वालो की दुनिया मे -
हर प्रेमी एक् सितारा है

इसलीये मै तो कहता हूँ -
अब दर्पण नही मुझे देख लिया करना
क्योकी सुन्दर व्ही जीसे प्यार मिल जाये
हुस्न को इश्क मिले

या
इश्क को हुस्न मिल जाय
मतलब तो एक् ही है
तुम अगर वाक्य-इश्कहो तो मै हुस्न हूँ ही /

{किशोर }

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