मंगलवार, 19 मई 2009

१७६-जब तू आयेगी

जब
भी
तू -आयेगी

मै
तेरी हथेली पर
मेहंदी सा -
रच जाउंगा

तब
मौसम
रंगों का ही होगा
तेरे
कदमो पर
फूलो सा -
बिछ जाउंगा

तब
अपनी मुस्कराहट से
कुछ -तब्बस्सुम
मुझे भी -दे देना

मुन्तजिर मे तेरे
चुप हूँ
मगर -मेरी शोख अदाओं को
उस रोज
तू-देख लेना

जानता हूँ
तू -हसीं है
हुश्न है
लेकीन-इश्क को
पूरा मेरी आत्मा कीकिताब से
-पढ़ लेना

तू अगर मोती है
तो
अपनी चमक
मेरी आँखों मे

देख लेना

जब आयेगी
तू
उस दिन

{किशोर }

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