गुरुवार, 21 मई 2009

दर्द एक नया होगा

१-लाख पूछेगी हवा
मुझे
पर लबो पे
उसका
कभीं न नाम होगा

२-मेरी आँखों मे झूलता रहेगा
उसका शहर
पर
किसी के सामने
वह शहर
कभी न याद होगा

३-उसका घर
मेरे गाँव से बहुत दूर है
मै रहता हूँ उदगम मे
वो रहती है सागर तट मे
यह एक बहाना भी
उससे
न मिल पाने के लिए
हरदम
मेरे पास -होगा

४-कभी भूल से
इधर
निकल आए वो कही
लोंग कहेंगे
यह वही है
मै तब कहूंगा -
वो कोई और है
यह वह नही है

५-हर बार की हर कहानी की तरह
यह कहानी भी
अधूरी रहेगी
अंजाम भी वही
सदियों पुराना होगा
लेकिन
हमारे -
जाने के बाद
हर शख्स के सीने मे
दर्द
एक नया होगा

{किशोरकुमार खोरेन्द्र }

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