सोमवार, 18 मई 2009

दिल के वास्ते

१-शोखी की हद पार कर जाए
कोई दीवाना -
उसे रोका नही करते
किसी की तकदीर मे
बडी मुश्कील से भेजते है
एक् दीवाना -
इश्क के फ़रिश्ते ..!
२-मेरी आरजू है की
तुम
चुपचाप बहती रहो
साहील सा देखता रहूँ
तुम्हें ..
भंवरो से उबरते -उबरते

३-मालूम है जिन्दगी मे
औरभी फर्ज है
जीवन के रास्ते
पर इश्क से ऊँचा
काम नही -
इस दिल के वास्ते
{किशोर }

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