बुधवार, 13 मई 2009

सपने की इच्छा

सपनो की नींद मे
तुम
केवल एक सपने की तरह

जागती हो
क्योकि
सपनो की हर इच्छाए

तुंरत पुरी होजाती है

{किशोर कुमार खोरेन्द्र }

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