रविवार, 5 अप्रैल 2009

प्रतिक्रियाये

Jenny:

बहुत अच्छा किशोर जी| आशा है शायर फॅमिली पर भी इसे पढ़ पाऊँगी|

vandana:

dandvat pranam
prabhuji u'r beautiful poem has touched my heart. thanx fr the lovely verse.

deepak:

वाह वाह सर ...

कोई टिप्पणी नहीं: