शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

प्राचीन मन्दिर मे ,पर प्रतिक्रिया

५-

मेरा मुझ में:

kishor ji ek baar fir se kavita padi.....
abki baar aankh mein aansoon hain....
bahut bahut shukriya... mujhe apni mitrta ke yogya samajha aapne ....


६-Nanda:

नमस्कार किशोर जी .............आपकी कवितायेँ वाकई में बहुत अच्छी है.....

७-๑ Ma Nirav:

आभारी सुंदर बच्चा संदेश के लिए.
अपनी मीठी दिल पर चुम्बन.
भगवान के साथ रहो, कि वह तुम्हें हमेशा खुश रखे.
अपने दिल के अंदर वहाँ एक सुंदर मंदिर है.
प्यार

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