गुरुवार, 5 मार्च 2009

अमर होली ...

१-बंदूक हू या चली गोली या फ़िर सडक पर गूंजती आतंकित सहमी बोली /२-नेताओ का भाषण या प्रतिक्रियाओ की सुरत भोली /३-या देश हित में खायी -कसमो की प्रज्वलित "अमर होली "/४-मै कौन हूँ ........?/५-मै जन -मानस की चिंता या गोलियों को झेलता सीना /६-विस्फोट से छिटका दूर पड़ा -अनाम आदमी की देह का हू एक टुकडा /......{kishor कुमार खोरेन्द्र }

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