मंगलवार, 10 मार्च 2009

प्रतिक्रियाये

Gopal wishes:

आदमी के भीतर शहर अपना लग रहा
भुलाकर हादसों के सिलसिले ..........
-----वाह !दिल को छू गयी ........................

Mangala:

wah! bahot khub! Holiki Shubhakamanaye!..have a nice day!

Jenny:

बहुत अच्छा कहा आपने सर, होली में ऐसा होना लाजिमी है. होली मुबारक हो......................

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