शनिवार, 7 मार्च 2009

प्रतिक्रिया ...०७ /०३ /०९

deepak:
vah .........bahut badiya..... aap ke soch me ............///{....अमर होली ..." १-बंदूक हू या चली गोली या फ़िर सडक पर गूंजती आतंकित सहमी बोली /२-नेताओ का भाषण या प्रतिक्रियाओ की सुरत भोली /३-या देश हित में खायी -कसमो की प्रज्वलित "अमर होली "/४-मै कौन हूँ ........?/५-मै जन -मानस की चिंता या गोलियों को झेलता सीना /६-विस्फोट से छिटका दूर पड़ा -क्या अनाम आदमी की देह का हू एक चिथडा /......{kishor कुमार खोरेन्द्र }}..////............ bahut gaharai hai sir ................ .

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