शुक्रवार, 13 मार्च 2009

वृक्ष से क्या कहु पर प्रतिक्रियाये १३-०३-09

१-REENA:
बहुत खूब आप ने सही कहा उन्हें भी परछाई से बाहर आना हैलेकिन डर है कहीं काँच टूट -कर कहने लगे फिर ...... २-Manas Khatri:
bahut hi accha, maine jo kavita likhi hai,aap tak jaldi pahuchau ga-abhi type ho rahi hai..३--- ĥ@ŕē Ķŕŝńâ:
hare krishna.sir aapki kavita bahut acchi hai .--४--------कवि धीरेन्द्र:
atisundar rachna wah ji wah .५------Kumar Vinod: बहुत खूब किशोर जी ६- Pralhad:
भाईसाहब आप की कोशिश काबिल ए तारीफ़ है. आप के नज़र भारतीय महिलाओं का क्या स्थान है देश विकास और अन्य सामाजिक मुद्दों पर? इस पर चर्चा करेंगे? -

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