बुधवार, 18 फ़रवरी 2009

prtikriyaye

१-rajesh bissa:
किशोर भाई आपकी कविता सत्य का आईना है ..shaskt prhar भी ......और बहुत अच्छी है ...२-मेरे चेहरे कौन:
aap ne to dil jeet liya- ..................३-अमन:
bhut achhi lagi sir apki rachna ............................४-अमन:
sir sach itna gahan arth li hui hoti hain apki rachna man ko ajib chhuvan hoti hainhame bahut kuchh sikhne ko maul raha hain ..........५-..........................कवि धीरेन्द्र:
मैंने खूब रचनाएं पढ़ी एक से एक विद्वान कि किन्तु आपने बहुत ख़ास विचार तलासे हैंऔर उन्हें नज़मो का नाम दिया वाकई बहुत ही सुन्दर

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