सोमवार, 16 फ़रवरी 2009

विचार ..

MITR हर मनुष्य ..कवी अवश्य है ..कल्पनाओं को साकार करना ही ..मानव धर्म है ..वह चाहे साइंस के या आध्यात्म के ..स्तरों पर हो ...इसलीये ..कवीता ... स्वयम मै महत्व- पूर्ण है -वैसे तो जीवन मै हिंसा और असत्य ...?..सत्य और अहिंसा की तुलना मै बहुत कम है ..सम्पूर्णता से ..देखे तो ...!.. व्यापक सत्य की झील मे बर्फ के तैरते हुवे टुकड़े है ..{kishor कुमार खोरेंद्र}

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