सोमवार, 16 फ़रवरी 2009

ये मेरा चेहरा है ..

१-ये मेरा चेहरा है ये मेरी बाते है ,जो लोग दर्पण से है मेरे करीब आते है ,...मै वो प्याला हू जिसमे भरे जहर को मीरा पी गयी थी ,मै वो पत्ता हू जिसपर पहली कवीता कालिदास ने लिखी थी ,.मै वह पगदंडी हू जिस पर आज भी बुद्धः के पांवो के निशान मौजूद है .....ये मेरा चेहरा है .....{kishor कुमार खोरेंद्र }

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